Breaking News
Home / top / आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार पस्त, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में 10 पायदान खिसका भारत

आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार पस्त, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में 10 पायदान खिसका भारत

आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को लगातार झटकों पर झटके लग रहे हैं। अब विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की ओर से जारी वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भारत इस साल 10 पायदान नीचे खिसक गया है। इस बार वह 68वें पायदान पर है। वहीं सिंगापुर ने अमेरिका को पछाड़ कर दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बन बैठ है।

भारत की मोदी सरकार भले ही अपनी अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने की बात कर रहा हो लेकिन डब्ल्यूईएफ ने 141 देशों पर जारी रिपोर्ट में कहा कि ब्रिक्स देशों में भारत का प्रदर्शन ब्राजील (71वें पायदान) के बाद सबसे खराब रहा है। पिछले साल भारत के समकक्ष रहे कोलंबिया, दक्षिण अफ्रीका और टर्की जैसे देशों ने इस साल काफी बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे भारत की रैंकिंग को नुकसान हुआ।

इस दौरान भारत सूचना, संचार एवं प्रौद्योगिकी को अपनाने में सुस्त रहा और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र की खराब स्थिति व स्वस्थ जीवन संभावने की खराब दर ने भारत के प्रदर्शन पर काफी असर डाला है। स्वस्थ जीवन की संभावना के मामले में भारत का स्थान 109वां रहा। यह अफ्रीका के बाहर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक है।

मंच ने कहा कि भारत में लैंगिक असमानता काफी ज्यादा है और पुरुष कामगारों के मुकाबले महिलाओं का अनुपात महज 0.26 है। इस मामले में भारत 128वें पायदान पर रहा। प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में भारत के बाद अन्य पड़ोसी देश श्रीलंका 84वें, बांग्लादेश 105वें, नेपाल 108वें और पाकिस्तान 110वें स्थान पर रहा। चीन 28वें पर है। इस बार सिंगापुर ने अमेरिका को हटाकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। तीसरे पर हांगकांग, चौथे पर नीदरलैंड और पांचवें पर स्विट्जरलैंड रहा।

डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि वृहद आर्थिक स्थिरता और बाजार के आकार के मामले में भारत की रैंकिंग अच्छी है। उसका वित्तीय क्षेत्र भी स्थिर है, लेकिन ऋण चूक की दर अधिक होने से बैंकिंग प्रणाली प्रभावित हुई है। इस सूचकांक में भारत कंपनी संचालन के मामले में 15वें, शेयरधारक संचालन में दूसरे और बाजार आकार व अक्षय ऊर्जा नियमन में तीसरे पायदान पर रहा है। नवोन्मेष के मामले में भी भारत का प्रदर्शन अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर और विकसित देशों के समतुल्य रहा।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *