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पीएमसी बैंक के एक और अकाउंट होल्डर की दिल का दौरा पड़ने से मौत, अब तक 4 लोगों की गई जान

घोटाले के कारण भारी वित्तीय संकट के साथ-साथ आरबीआई के प्रतिबंधों का सामना कर रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) घोटाले के मद्देनजर खाताधारकों की दिक्कतें जारी है। इस बीच अब तक चार खाताधारकों की मौत हो चुकी है। फत्तोमल पंजाबी, संजय गुलाटी और मुंबई के वरसोवा इलाके में रहने वाली 39 वर्षीय एक डॉक्टर निवेदिता बिजलानी की हत्या के बाद अब एक 83 वर्षीय बुजुर्ग मुरलीधर ढर्रा की मौत का मामला सामने आया है।

घोटाला सामने आने के बाद आरबीआई ने लगाए कई प्रतिबंध

कंस्ट्रक्शन कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) ने बैंक को लगभग 4,300 करोड़ रुपए का चूना लगाया है, जिसके कारण बैंक की न सिर्फ कमर टूट गई है, बल्कि रिजर्व बैंक ने इसपर छह महीने के लिए कई तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए हैं। अब बैंक के खाताधारक छह महीने की पाबंदी की अवधि में केवल 40 हजार रुपये ही निकाल सकते हैं।

लंबे समय से बीमार थे 83 वर्षीय मुरलीधर ढर्रा

जानकारी के मुताबिक, पीएमसी बैंक के खाताधारक मुरलीधर ढर्रा बीमार थे और खाते से पैसा नहीं निकाल पाने के चलते उनके इलाज में मुश्किल आ रही थी। शुक्रवार को समय पर सही इलाज न मिल पाने के चलते उनकी मौत हो गई। खाताधारक ढर्रा, मुम्बई के मुलुंड इलाके के रहने वाले थे। मुरलीधर काफी वक़्त से बीमार चल रहे थे। 83 साल के मुरलीधर ढर्रा के खाते में 80 लाख रुपए जमा थे। ढर्रा की हार्ट सर्जरी होनी थी लेकिन बैंक से पैसे नहीं निकाल पाने के चलते ये सर्जरी नहीं हो पाई।

हार्ट सर्जरी के लिए नहीं थे पैसे

मृतक के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने मुरलीधर धारा के हार्ट की सर्जरी करने की सलाह दी थी, लेकिन आरबीआई की पाबंदी के कारण वे अपने पैसे पीएमसी बैंक से निकाल नहीं पाए। मुरलीधर के बेटे प्रेम धारा ने कहा कि उनके 83 वर्षीय पिता की मौत मुलुंड स्थित उनके घर पर हुई। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कुल 80 लाख रुपये बैंक में जमा हैं।

संजय गुलाटी के 90 लाख बैंक में फंसे

मुंबई के रहने वाले संजय गुलाटी (51) की सोमवार को मौत हो गई थी। संजय की पहले जेट एयरवेज से नौकरी चली गई, फिर बचत से वह किसी तरह अपने परिवार के साथ गुजारा कर रहे थे। इसी बीच पीएमसी में बड़े घोटाले का मामला सामने आ गया। संजय ने भी पीएमसी में 90 लाख रुपये जमा कर रखे थे, घोटाले की ख़बर सुनते ही उनके होश फाख्ता हो गए। संजय की जमा पूंजी यानी 90 लाख रुपये भी फंस गए।

मंगलवार को फत्तेमल पंजाबी की मौत

संजय के बाद मुंबई के मुलुंद इलाके के रहने वाले फत्तेमल पंजाबी की बीते मंगलवार को मौत हो गई थी। वह बैंक के लिए घर से निकल रहे थे, तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पीएमसी बैंक के खाताधारकों की प्रोटेस्ट में नियमित हिस्सा लेने वाले पंजाबी के बैंक में 8-10 लाख रुपये जमा थे।

कई छोटे व्यापार में शामिल

पंजाबी के पड़ोसियों ने बताया कि वह कई तरह के छोटे-छोटे व्यापार में शामिल थे। वह एक केबल नेटवर्क चलाते थे। साथ ही उनकी मोबाइल की एक दुकान भी थी। उनके पास एक ऑटो रिक्शा और चार पहिया वाहन भी था। इससे वह बच्चों को स्कूल छोड़ते थे। उनके पड़ोसियों ने बताया कि पंजाबी धार्मिक किस्म के शख्स थे, जो नजदीकी गुरुद्वारे में नियमित सेवा देने जाते थे। गुरुद्वारे के सामने ही उनकी गीता इलेक्ट्रिकल्स नाम की दुकान थी।

25 हजार रुपए थी कैश निकासी की सीमा

बीते 24 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नोटिस जारी कर बैंक पर छह महीनों के लिए लेनदेन समेत कई तरह का प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके मुताबिक न तो बैंक कोई नया लोन जारी कर सकता है और न ही इसका कोई ग्राहक 25 हजार रुपये से अधिक की निकासी कर सकता था। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) से संबंधित अन्य कंपनियों के बारे में जांच कर रहा है।

पीएमसी बैंक के खाताधारक अब निकाल सकते हैं 40 हजार रुपए

रिजर्व बैंक ने तीन अक्टूबर को पीएमसी बैंक के ग्राहकों के लिए कैश निकालने की सीमा 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी थी, लेकिन बाद में इसमें फिर तब्दीली की गई और विदड्रॉल रकम की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपए कर दी गई। जिससे वर्तमान में पीएमसी बैंक के ग्राहक अपने खाते से 40 हजार रुपए तक निकाल सकते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक डिपॉजिटर्स के हित और बैंक का रिवाइवल पहली प्राथमिकता है।

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