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भाजपा किसानों और कारोबारियों के हितों की खुली बोली लगा रही है: कांग्रेस

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिसा गांधी की अगुवाई में गठित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विशेष समूह की शुक्रवार को हुयी पहली बैठक में कृषि और आर्थिक संकट एवं बेरोजगारी सहित अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श करने के बाद पार्टी ने भाजपा सरकार पर किसानों और कारोबारियों के हितों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। बैठक के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि 17 सदस्यीय विशेष समूह की बैठक में किसानों, छोटे दुकानदारों और उद्योग जगत के हितों के साथ हो रहे खिलवाड़ जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। सुरजेवाला ने कहा, “भाजपा किसानों के हितों की खुली बोली लगा रही है।

कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी।”  उल्लेखनीय है कि हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित होने के अगले दिन आहूत की गयी इस महत्वपूर्ण बैठक में विशेष समूह के सदस्य पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी के महासचिव अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया।  पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस समूह में शामिल नहीं हैं। सुरजेवाला ने भाजपा पर हरियाणा में विधायकों की ख़रीद फ़रोख़्त कर सरकार बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में भाजपा के मंत्रियों और बड़े नेताओं के हारने से साबित हो गया है कि भाजपा को जनता ने नकार दिया है।

 

उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद भाजपा का दोहरा चेहरा उजागर हो गया है। हरियाणा में निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा सहित अन्य निर्दलीय विधायकों के समर्थन से भाजपा के सरकार बनाने की कोशिश के सवाल पर उन्होंने कहा, “जब कांडा हरियाणा सरकार में मंत्री थे तो उस वक्त के नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बयानों को देखिए। उस वक्त भाजपा का क्या रुख था?” सुरजेवाला ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कांडा को हटा दिया था। यह भाजपा का दोहरा मापदंड है। चुनाव परिणाम के बारे में उन्होंने कहा, “हरियाणा ने भाजपा को नकार दिया है। अब खरीद फरोख्त के जरिये सरकार बनाने की कोशिश हो रही है। जबकि खट्टर सरकार के ज्यादातर मंत्री हार गए। उन्हें जनता ने नकार दिया और बहुमत नहीं दिया। भाजपा की सरकार असंवैधानिक और गैरक़ानूनी होगी।”

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