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शिवसेना ने की आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की, भाजपा से सौदेबाजी के मूड में

मुंबई : महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सत्ता में बराबर की हिस्सेदारी पर शिवसेना के फिर से जोर दिये जाने के बीच इस क्षेत्रीय पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने नयी सरकार में आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है. गौरतलब है कि भाजपा विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीद की अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकाम रही है. बृहस्पतिवार को घोषित हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ भाजपा को 17 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा. निवर्तमान विधानसभा में भाजपा के पास 122 सीटें हैं.

इस घटनाक्रम से राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे नीत पार्टी कड़ी सौदेबाजी कर सकती है. हालांकि, शिवसेना की सीटों की संख्या भी 2014 के 63 की तुलना में घट कर 56 हो गई है. पड़ोसी ठाणे शहर से विधायक प्रताप सरनाइक ने कहा, ‘‘हम आदित्य ठाकरे को अगला मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. लेकिन उद्धवजी अंतिम फैसला लेंगे.’

उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह कहा. दरअसल, उनसे पूछा गया था कि क्या शिवसेना भाजपा के मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के स्थान पर अपना खुद का मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेस-राकांपा गठजोड़ की मदद लेगी. सरनाइक और अन्य नवनिर्वाचित विधायक पार्टी की एक बैठक में शामिल होने के लिए शनिवार को ‘मातोश्री’ (ठाकरे परिवार के आवास) में जुटे. चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ कर शिवसेना में शामिल हुए पार्टी के एक अन्य विधायक अब्दुल सत्तार ने भी सरनाइक के विचार का समर्थन किया. सत्तार ने कहा, ‘‘उद्धवजी इस पर अंतिम फैसला लेंगे.’ उन्हें पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का करीबी सहयोगी माना जाता था.

राज्य में 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105, शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, राकांपा 54 और कांग्रेस 44 सीटों पर विजयी रही. चुनाव परिणामों से भाजपा को झटका लगा है क्योंकि पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ अपने बूते सरकार बनाने का लक्ष्य रखा था. लेकिन चुनाव नतीजों के बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य ने शिवसेना का मनोबल बढ़ा दिया है जो बखूबी जानती है कि वह सौदेबाजी करने की स्थिति में है और मुख्यमंत्री पद के लिये आदित्य के नाम पर मुहर लगवा सकती है. आदित्य(29) 1960 के दशक में पार्टी के गठन के बाद से चुनावी राजनीति में उतरने और जीत हासिल करने वाले ठाकरे परिवार के प्रथम व्यक्ति हो गये हैं.

वह मुंबई की वर्ली सीट से जीते हैं, जो शिवसेना का गढ़ है. बृहस्पतिवार को शिवसेना ने अपने कड़े तेवर दिखाते हुए भाजपा को ‘‘50:50 फार्मूले’ की याद दिलाई थी, जिस पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, ठाकरे और फड़णवीस के बीच 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सहमति बनी थी. सूत्रों के मुताबिक इस फार्मूले के मुताबिक शिवसेना और भाजपा के चक्रीय आधार पर मुख्यमंत्री होंगे और दोनों दलों को कैबिनेट में बराबर संख्या में जगह मिलेगी.

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