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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ SPG संशोधन बिल, कांग्रेस का वॉकआउट

नई दिल्ली। लोकसभा (Lok Sabha) से पास होने के बाद मंगलवार को SPG संशोधन बिल (SPG amendment bill) राज्यसभा (Rajya Sabha) से भी पास हो गया। इस बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस (Congress) के सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट (Walkout) कर लिया और वोटिंग नहीं की। बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि मैं साफ करना चाहता हूं कि गांधी परिवार को ध्यान में रखते हुए बिल नहीं लाया गया। बिल से गांधी परिवार का कोई संबंध नहीं है। मैं जरूर कहना चाहता हूं पिछले परिवर्तन एक परिवार को ध्यान में रखते हुए किए गए थे।

कांग्रेस ने इन नेताओं कि सुरक्षा हटने पर नहीं उठाया सवाल

उन्होंने आगे कहा कि अशोक सिंघल को एसपीजी नहीं मिली थी। एक दौर में उनको भी खतरा था। पीएम स्टेट ऑफ हेड होता है इसलिए उनके लिए ये सुरक्षा जरूरी है। जहां तक धमकी का सवाल क्यों सिर्फ गांधी परिवार। सबको सुरक्षा मिले। 130 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी सरकार की है। एसपीजी सुरक्षा की जिद मुझे समझ नहीं आती। गृह मंत्री शाह ने आगे कहा कि हम समानता में मानते हैं। इस देश में सिर्फ गांधी परिवार की सुरक्षा नहीं है। पूर्व पीएम चंद्रशेखर की सुरक्षा हटा ली गई। वीपी सिंह की सुरक्षा हटा ली गई थी। कांग्रेस के ही नरसिंहा रॉव की सुरक्षा हटा ली गई। मनमोहन सिंह की सुरक्षा जेड प्लस की गई। तब कांग्रेस ने कोई हाएतौबा नहीं मचाया। हम परिवार का विरोध नहीं करते। परिवारवाद का विरोध करते हैं। जब तक हमारे सीने में दम है परिवार को विरोध करते रहेंगे।

प्रियंका के घर हुई सुरक्षा चूक के लिए तीन सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड किया गया

शाह ने कहा कि प्रियंका वाड्रा के घर एक घटना हुई। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के घर जो सुरक्षा है इसमें राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा सुरक्षा जांच के बिना अंदर आते हैं। सुरक्षाकर्मियों के पास एक सूचना आई कि राहुल गांधी एक काली सफारी गाड़ी में आने वाले हैं। ठीक उसी समय एक काली सफारी गाड़ी आई और उसमें शारदा त्यागी कांग्रेस कमिटी खरगोरा मेरठ की नेता थीं। चूंकि समय भी वही था, इसलिए वह बिना सिक्यॉरिटी जांच के अंदर चली गईं। समय वही था और गाड़ी भी काली थी तो सिक्यॉरिटी एजेंसियों ने उन्हें जाने दिया। यह एक इत्तेफाक था। इसके बावजूद हमने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है। इस मामले में तीन सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। इस तरह की चीजों को गोपनीय रखा जाता है। इसकी जानकारी प्रेस को नहीं देनी चाहिए थी। अगर राजनीति करनी है तो प्रेस को दे सकते हैं, वरना एक गोपनीय पत्र मुझे भी लिख सकते हैं।

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