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कर्नाटक में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस में इस्‍तीफों का दौर जारी, सिद्धरमैया के बाद गुंडू राव ने भी पद छोड़ा

बेंगलुरु : कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा ने 15 सीटों पर हो रहे उपचुनावों में 10 सीटें जीतकर विधानसभा में सोमवार को बहुमत हासिल कर लिया. वह दो अन्य सीटों पर आगे चल रही है. कर्नाटक विधानसभा उपचुनावों के लिए मतगणना अभी चल रही है.

महाराष्ट्र में सरकार न बना पाने के बाद कर्नाटक में भाजपा का 12 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन उसके लिए मनोबल बढ़ाने वाला है. दूसरी ओर कर्नाटक विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद सिद्धरमैया ने पार्टी के विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्‍होंने संवाददातों के साथ बातचीत में कहा कि वो लोकतंत्र का सम्‍मान करते हैं. उन्‍होंने पार्टी के विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा पार्टी की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है. सिद्धरमैया के इस्‍तीफा देने के कुछ देर बाद ही दिनेश गुंडू राव ने भी कर्नाटक कांग्रेस अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा दे दिया है.

झारखंड में एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के प्रदर्शन की तारीफ की और कांग्रेस पर पिछले दरवाजे से जनादेश को चुराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हाल में संपन्न हुए उपचुनावों में कांग्रेस को सबक सिखाया गया है. इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि वह अपने बाकी के साढ़े तीन साल के कार्यकाल के लिए स्थिर और विकासोन्मुख सरकार देंगे.

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, मतदाताओं ने अपना फैसला दे दिया और नतीजे आ चुके हैं. अब हमें राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करना है. मैं अपने मंत्रियों और विधायकों की मदद से अगले तीन साल के लिए सुशासन दूंगा.

उन्होंने अपना कार्यकाल निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए विपक्ष का समर्थन मांगा. येदियुरप्पा ने कहा, विपक्ष लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है। मैं उनसे अपील करता हूं कि कम से कम अब से अपना पूरा समर्थन हमें दें. हमने विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिये गए सभी विधायकों को आश्वासन दिया था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, इसलिए उनसे वादाखिलाफी करने का कोई सवाल ही नहीं है. हम उन्हें मंत्री बनाएंगे. पूर्व के चुनाव में इन 15 सीटों में से 12 सीटें जीतने वाली कांग्रेस केवल दो निर्वाचन क्षेत्रों हुनसुर और शिवाजीनगर पर ही आगे चल रही है. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जद(एस) उन सभी 12 सीटों पर पीछे चल रही है जहां उसने अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.

पूर्व में हुए चुनाव में उसके पास तीन सीटें थीं. होसकोटे से निर्दलीय उम्मीदवार शरथ बच्चेगौड़ा जीत की ओर बढ़ रहे हैं. भाजपा ने बच्चेगौड़ा के बगावत करके उपचुनाव लड़ने के बाद उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया.

भाजपा को राज्य की सत्ता में बने रहने के लिए 225 सदस्यीय विधानसभा (अध्यक्ष सहित) में 15 सीटों (जिन पर उपचुनाव हो रहे हैं) में कम से कम छह सीटें जीतने की जरूरत थी. विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के बाद विधानसभा में इस समय 208 सदस्य हैं जिनमें भाजपा के पास 105 (एक निर्दलीय सहित), कांग्रेस के 66 और जद (एस) के 34 विधायक हैं.

बसपा का भी एक विधायक है. इसके अलावा एक मनोनीत विधायक और विधानसभा अध्यक्ष हैं. अगर भाजपा उन छह सीटों पर भी जीत दर्ज कर लेती हैं जिन पर वह आगे चल रही है तो सदन में पार्टी के सदस्यों की संख्या 105 से बढ़कर 117 हो जाएगी जो 223 सदस्यीय सदन में बहुमत के 111 के आंकड़े से अधिक है. उच्च न्यायालय में लंबित याचिका के कारण दो सीटें खाली हैं.

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