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नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अब तक 11 याचिकाएं, संयुक्त राष्ट्र की नज़र

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ गुवाहाटी के चंदमारी इलाके में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा बुलाए गए उपवास में बड़ी संख्या में लोग इक्ट्ठा हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार दोपहर तक इस कानून के खिलाफ कुल 11 याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। विपक्ष लगातार इस कानून को संविधान का उल्लंघन बता रहा है। यह याचिका को “पीस पार्टी” ने दाखिल किया है। टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी नागरिकता संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। महुआ मोइत्रा के वकील ने याचिका पर तत्काल सुनवाई का आग्रह किया। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे संबद्ध अधिकारी के पास जाने को कहा।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरेस का कहना है कि हमें इस बात की जानकारी है कि भारत में नागरिकता संशोधन एक्ट पास हुआ है. नागरिकों के द्वारा जो सवाल खड़े किए जा रहे हैं, उसपर भी हमारी नजर है. संयुक्त राष्ट्र इस मसले पर करीबी से नज़र बनाए हुए है.

इससे पहले गुवाहाटी में ही गुरुवार शाम हजारों लोग कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस को गोलियां भी चलानी पड़ी। इसमें 2 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 14 प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संगठन नागरिकता कानून का विरोध कर रहा है। असम के डिब्रूगढ़ में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक कर्फ्यू में ढील दे दी गई है।
जापान प्रधानमंत्री शिंजो आबे का भारत दौरा स्थगित …

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों का असर भारत-जापान समिट पर पड़ा है। यह समिट असम के गुवाहाटी में रविवार से होनी थी, लेकिन जापानी के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपना भारत दौरा स्थगित कर दिया है। अब दोनों देशों के आपसी सहमति के बाद समिट होगा। जापानी पीएम शिंजो आबे की भारत की प्रस्तावित यात्रा पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि दोनों देशों की आपसी सहमति पर यह दौरा रद्द हुआ है। जल्द ही दोनों देशों के आपसी सहमति की तारीख पर उनका दौरा होगा।

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