नई दिल्ली: जामिया में हुई हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को पूछताछ के लिए कांगेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान, लोकल नेता आशु खान और जामिया के छात्र चंदन कुमार को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया. तीनों दोपहर क्राइम ब्रांच पहुंचे खबर लिखे जाने तक उनसे पूछताछ जारी थी.

आशु खान जामिया इलाके का स्थानिय नेता है और वहां से पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है, लेकिन हार गया था. आशु खान और मोहम्मद आसिफ पर आरोप है कि दोनों ने 15 दिसंबर को हुई हिंसा में लोगों को भड़काया जिसके चलते आगजनी हुई. आशु खान, मोहम्मद आसिफ और जामिया यूनिवर्सिटी में मास मीडिया के सेकंड ईयर के स्टूडेंट चंदन कुमार को समन देककर पूछताछ के लिए बुलाया गया. पुलिस आरोपियों से पूछने के लिए सवालों की लिस्ट तैयार की है.

इस बीच आसिफ और आशु से पूछने के लिए सवालों की लिस्ट
जिस वक्त जामिया यूनिवर्सिटी में हंगामा हो रहा था आप कहां मौजूद थे?
शाहीनबाग में आपका प्रदर्शन कितने बजे शुरू हुआ और सबसे पहले कहां इक्कठा हुए थे?
15 दिसंबर की शाम आप कितने लोगों के साथ और कहां प्रदर्शन कर रहे थे?
क्या आपने वहां कोई भाषण दिया था? अगर हाँ तो उसका मुद्दा क्या था?
क्या आप जामिया यूनिवर्सिटी के किसी स्टूडेंट के संपर्क के थे?
आपको कब और कैसे पता चला कि जामिया यूनिवर्सिटी में हंगामा हो रहा है?
क्या आपके साथ शाहीन बाग़ में उस वक्त आसिफ मोहम्मद भी थे?
क्या इस प्रोटेस्ट के लिए कोई whats app group बनाया गया था?
क्या आप दोनों (आसिफ और आशु) एक साथ प्रोटेस्ट कर रहे थे और क्यों?

हालांकि आशुखान और आसिफ मोहम्मद खान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है. आशुखान ने कहा, “ये जो FIR हुई है मेरे ऊपर ये पूरी तरह फेक है. प्रोटेस्ट हमारा अधिकार है, हमने किया. प्रोटेस्ट पूरे ओखला रोड पर था कोई आदमी उसका नेतृत्व नहीं कर रहा था. उसमें पुलिस ने मुझे मुख्य आरोपी बना दिया. मैंने किसी तरह का कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया है. हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं….”

वहीं आसिफ मोहम्मद खान ने दावा किया है कि उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘दिल्ली पुलिस के पास को कोई सबूत नहीं है. जिस समय बसों को आग लगाई गई उस वक्त में शाहीन बाग में था और उस प्रदर्शन में शामिल था जो आज तक चल रहा है. पुलिस ने मेरे भाषण को भी रिकॉर्ड किया है, यही मेरा सबसे बड़ा सबूत है.’

बता दें दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जामिया, जाकिर नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाकों में 15 दिसंबर को सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगजनी हुई थी.