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MP : संघ की नजर युवाओं पर, अगली रणनीति पर RSS प्रमुख मोहन भागवत करेंगे बात

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) युवाओं के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करने के मिशन पर है। इसी के तहत संघ प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के गुना में युवाओं से संवाद करने वाले हैं। इसके जरिए संघ प्रमुख जहां युवाओं के मन की बात जानने की कोशिश करेंगे, वहीं अपनी आगामी रणनीति को उनके जरिए गांव-गांव तक पहुंचाने का मंत्र भी देंगे। संघ प्रमुख भागवत 31 जनवरी को गुना आ रहे हैं और वे दो फरवरी तक यहां रहने वाले हैं।

इस दौरान वे कॉलेज के छात्रों के शिविर में हिस्सा लेंगे। यह मध्य क्षेत्र के युवा स्वयंसेवकों का सम्मेलन है, जिसमें 16 जिलों के दो हजार से अधिक युवा हिस्सा लेने वाले हैं। संघ सूत्रों का कहना है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के आकलन के साथ युवाओं पर इसका कितना असर पड़ रहा है और वे क्या सोच रहे हैं, यह जानने के मकसद से संघ प्रमुख इस शिविर में आ रहे हैं।

इस शिविर में जहां उनकी युवाओं के साथ चर्चा होगी, वहीं वे अपनी बात भी उनके बीच कहेंगे। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, गुना में तीन दिन तक चलने वाले इस शिविर में छात्र विभिन्न शारीरिक और बौद्धिक गतिविधियों में भाग लेंगे। इसमें कॉलेज स्तर पर होने वाले कार्यों की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्य योजना भी बनेगी।

संघ प्रमुख ऐसे समय युवाओं के शिविर में हिस्सा लेने वाले हैं, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बाद से पूरे देश में सियासत गर्म है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है और इस कानून को देश विरोधी बताया जा रहा है। संघ की क्या भूमिका होना चाहिए और युवाओं के बीच किस तरह से पहुंचकर इस कानून से संबंधित भ्रम को दूर किया जाए, इस पर विचार होने की संभावना जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि संघ प्रमुख जहां तीन दिन तक गुना में रहकर युवाओं के शिविर में हिस्सा लेंगे, वहीं बाद में वह तीन दिन तक भोपाल में डेरा डालेंगे। इस दौरान भागवत संघ के प्रचारकों और संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। साथ ही इस बात पर खास जोर होगा कि सीएए पर संघ की क्या भूमिका होनी चाहिए। संघ प्रमुख के प्रवास को राजनीतिक तौर पर खास माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चे और रोजगार के मामले में विफल रही है, जिससे युवाओं में असंतोष है। वहीं सीएए के बाद चल रहे प्रदर्शनों से भी काफी लोगों का गुस्सा सामने आया है।

इसलिए लगता है कि संघ प्रमुख अपने कैडर को यह बात समझाने की कोशिश कर सकते हैं कि केंद्र सरकार रोजगार पर बड़े निर्णय ले सकती है। वहीं सीएए किसी वर्ग के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि इन दोनों बातों को युवा वर्ग तक कैसे पहुंचाया जाए, इस बात की अहमियत है। शिविर में राष्ट्रवाद का पाठ तो पढ़ाया ही जाएगा, यह तय है।

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