भोपाल। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश कर दिया है। बजट में किसानों,युवाओं और शिक्षा समेत कई वर्गों पर फोकस किया गया है। वित्तमंत्री ने दावा किया मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महंगाई पर काबू पाने में सफल हुई है। इस दावे को लेकर मध्यप्रदेश के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आना शुरु हो गई है। कमलनाथ के मंत्रियों ने मोदी सरकार के इस बजट में वित्तमंत्री द्वारा मंहगाई कम होने के दावे को खारिज किया है।

दरअसल, आज मीडिया से चर्चा करते हुए मोदी सरकार के आम बजट उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने
कहा कि देश मे मंहगाई औऱ बेराजगारी बढ़ रही है। पूरे देश मे पेट्रोल और गैस की टंकी के रेट बढ़े है,
खाने पीने की वस्तुओं के दाम बढ़े है तो फिर महगाई कहा से कम हो गई। बजट के नाम पर देश की जनता को धोखा मोदी सरकार दे रही है। देश को बांटने का काम मोदी सरकार कर रही है। मोदी जी अब आपको ध्यान देना होगा।किसानों पर युवाओँ पर मोदी जी को ध्यान देना होगा।जीतू ने आगे कहा कि बुलेट ट्रेन चलाने की बात पहले कही थी, और अब प्राइवेट लोगों से बुलेट चलवाने की बात मोदी कर रहे है। देश की संपति को बेचने का काम मोदी सरकार प्राइवेट लोगों को कर रही है। पहले नारे थे अब एक नया नारा दे दिया है। यह नारों का, धोखे का बजट है। इस बजट की निंदा कांग्रेस पार्टी करती है। आज के हिसाब से शिक्षा नीति बहुत जरूरी है।

सखी सैया बहुत ही कमात है महगाई डायन खाय जात है
वही आम बजट को लेकर परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा मैं दावे से कह सकता हूं न गरीबी कम हुई है औऱ न मंहगाई कम हुई है। ”सखी सैया बहुत ही कमात है महगाई डायन खाय जात है”।स्मार्ट सिटी को काम की रफ्तार बहुत कम है। किसान हमारा अन्नदाता है, अब तक किसानो के नाम पर राजनीति बहुत हुई है, किसानों के नाम पर बहुत योजनाएं बनाई गई है, लेकिन किसानों को अब तक कोई फायदा नहीं हुआ है। राजपूत ने आगे कहा कि बुंदेलखंड पैकेज को लेकर हम 7 हजार करोड़ लाये थे, लेकिन पूरा पैकेज भस्टाचार की भेंट चढ़ गया है, मोदी सरकार सिर्फ ध्यान भटकाने का काम कर रही है। युवाओँ को रोजगार देने की बात सरकार करती थी, लेकिन पिछले छह साल से कुछ नहीं किया।मोदी ने 2 करोड़ युवाओ को रोजगार हर साल देने की बात कही थी।

हमारी योजनाओं की कॉपी कर रही मोदी सरकार
इधर, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार मध्यप्रदेश की योजनाओं की कॉपी कर रही है ।गरीबी कम होने के आंकड़े पर कहा कि गरीबी और महंगाई कम नहीं हुई है बल्कि बढ़ी है। जब तक पेट्रोल डीजल के रेट कम नहीं होंगे। हम नहीं मानेगे की मंहगाई कम हुई है।