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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: आरोपी ब्रजेश ठाकुर को साकेत कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

बिहार के बहुचर्चित मुजफफरपुर शेल्टर होम केस में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। साकेत कोर्ट ने इस मामले में दोषी करार दिए गए ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ये मामला मुंबई की टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट के बाद सामने आया था। कोर्ट में दोषियों को बारी-बारी से सजा सुनाई जा रही है। ब्रजेश समेत सभी दोषियों के करीबी व वकील कोर्ट में मौजूद हैं।

इस मामले में साकेत कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर समेत 21 आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो, बलात्कार, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं में आरोप तय किया था। सीबीआई ने इस मामले में ब्रजेश ठाकुर को मुख्य आरोपी बनाया था।

ब्रजेश ठाकुर समेत 4 को चार्जशीट की सभी मूल धाराओं के अलावा गैंगरेप की धारा में सजा सुनाई जा रही है। गैंगरेप की धारा में उम्र कैद का प्रावधान है। मधु का रिश्तेदार विक्की सभी आरोपों से बरी हुआ है, जबकि जिला बाल संरक्षण इकाई की तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी को जेजे एक्ट की धारा 75 के तहत दोषी पाते हुए उन्हें बॉन्ड पर मुक्त कर दिया गया था। किशोरियों से दुष्कर्म के षड्यंत्र में शामिल बालिका गृह की महिला कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। इसके लिए धारा 120 बी के तहत कानून में दुष्कर्म के बराबर ही सजा का प्रावधान है।

2018 में तय हुआ था आरोप

मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम केस को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्‍ली ट्रांसफर किया गया था। तब से इस मामले की सुनवाई साकेत कोर्ट में चल रही थी और अब जाकर इसमें फैसला सुनाया गया। अदालत ने इस मामले में 20 मार्च, 2018 को आरोप तय किए थे।

इनको मिल रही सजा

ब्रजेश ठाकुर, रवि रौशन, विकास कुमार, दिलीप कुमार, विजय तिवारी, गुड्डू पटेल, कृष्णा राम, रामानुज ठाकुर उर्फ मामू, रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर, अश्विनी, साइस्ता परवीन उर्फ मधु, इंदू कुमारी, मीनू देवी, मंजू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी व रोजी रानी।

चुनाव लड़ चुका है ब्रजेश ठाकुर

इस केस में सजा पाने वाले ब्रजेश ठाकुर ने वर्ष 2000 में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार पीपुल्स पार्टी (बिपीपी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गया था। अदालत ने 30 मार्च, 2019 को ठाकुर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और नाबालिगों के यौन शोषण का आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप तय किए थे। अदालत ने बलात्कार, यौन उत्पीड़न, नाबालिगों को नशा देने, आपराधिक धमकी समेत अन्य अपराधों के लिए मुकदमा चलाया था।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में 40 नाबालिग बच्चियों और लड़कियों से रेप और यौन शोषण होने की बात सामने आई थी। इस मामले में आरोप है कि जिस शेल्टर होम में बच्चियों के साथ रेप हुआ था, वो ब्रजेश ठाकुर का है। इस मामले में ब्रजेश ठाकुर के अलावा शेल्टर होम के कर्मचारी और बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे।

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