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द्रमुक ने राज्यसभा में कार्यस्थगन का दिया नोटिस

नई दिल्ली। द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा ने राज्यसभा में पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर नियम 267 के तहत कार्यस्थगन का नोटिस दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक आदेश में कहा है किआरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। सोमवार को सदन में इस मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि आरक्षण आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ है और वे एससी, एसटी और ओबीसी की प्रगति को रोक रहे हैं।

उन्होंने कहा था, “आरक्षण आरएसएस और भाजपा को नुकसान पहुंचा रहा है। वे इसे मिटाना चाहते हैं। हर सुबह जब वे जागते हैं तो उन्हें चिढ़ होती है। जिस भी कल्पना, आरएसएस/भाजपा के लोग जी रहे हैं, हम उसे होने नहीं देंगे।”

उन्होंने कहा, “मुद्दा यह है कि आरएसएस और भाजपा दलितों, आदिवासियों, ओबीसी को आरक्षण मिलने के विचार के साथ नहीं रह सकते हैं और इससे उन्हें चिढ़ है और उन्होंने उन्हें मिटाने की कोशिश की है।”

सोमवार को लोकसभा में, कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शीर्ष अदालत के फैसले के बाद इस मुद्दे को उठाया। चौधरी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर दलितों को सशक्त बनाने वाले मुख्य हथियार को ‘बड़ा नुकसान’ पहुंचाने की बात कही और सरकार को फैसले पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा।

सर्वोच्च न्यायालय ने एक निर्णय में कहा कि पदोन्नति में आरक्षण का दावा करना कोई मौलिक अधिकार नहीं है और राज्य नियुक्तियों में आरक्षण प्रदान करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

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